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साथियों नमस्कार स्वागत है आप सभी का आज के इस ब्लॉग में हम बताएंगे की टमाटर की नर्सरी को गलने से कैसे बचाएं? किसान साथियों बरसात के समय में नर्सरी करना बहुत ही कठिन काम है। इस समय कभी कभी लगातार बारिश हो जाती है। जिससे फंगस का प्रकोप बढ़ जाता है।
बरसात के समय में नर्सरी पानी से तो खराब होती है, साथ ही नर्म और शुष्क मौसम से कई तरह के कवक नर्सरी को पूरी तरह से बरबाद कर देते हैं।
ऐसे में किसान भाइयों आपको चाहिए उचित उपाय करना होगा। सामान्य भाषा में कहें तो टमाटर की नर्सरी में चार तरह के फंगस लगते हैं।
- ऐसे फंगस जो जमीन में पड़े बीज को ही सड़ाकर खत्म कर देंगे इसलिए खेत में बीज डालने से पहले बीज को फंगीसाईड उपचारित कर लें या उपचारित बीज ही बोंए। डबल सुरक्षा के लिए आप जमीन में बीज बुआई से पहले ही खाद या बालू में किसी सिस्टेमेटिक फंगीसाईड को मिलाकर फेंक दें या अच्छी तरह से बीजशैया में मिला दें।
ऐसा करने से खेत में भी जो हानिकारक कवक पहले से ही है वे सभी खत्म हो जायेंगे और बीज सुरक्षित तरीके से अंकुरित होगा। - जड़ में लगने वाले फंगस- साथियों टमाटर की नर्सरी में फंगस पौधों बहुत ही घातक तरीके से नुक़सान पहुंचाते हैं। पौधा धीरे धीरे सूख जाता है। और किसान इस बात को नहीं समझ पाता है, उसको लगता है इसकी जड़ में कोई कीट लगा है जो काट रहा है जिस कारण पौधा सूख गया है।
हमारे किसान अनावश्यक रूप से कीटनाशकों पर पैसा खर्च कर देते हैं। और लाभ नहीं मिल पाता है। इस तरह से कम जानकारी के कारण उनकी खेती महंगी पड़ जाती है। - तना में लगने वाले फंगस, टमाटर की नर्सरी जमने के बाद पौधा जब तैयार हो रहा होता है तो तना गलन का खतरा रहता है। साथियों बरसात के समय में खेत में यदि उचित जल निकास की व्यवस्था नहीं है तो। टमाटर की नर्सरी पूरी की पूरी गल जायेगी। और अगर बारिश बराबर होती है। पानी भी खेत में नहीं रुकता है तो शुष्क और गीले मौसम के कारण तना गलन की समस्या बढ़ जाती है।
- टमाटर की नर्सरी में चौथा जो फंगस है वह पत्तियों को हानि पहुंचाता है। पत्तियों में धब्बेदार लाल और कत्थई कलर के चक्कते या जला हुआ सा दिखाई देता है, जो कि फंगस के कारण होता है। इसमें पहले धब्बा छोटा-छोटा होता है उसके बाद धीरे-धीरे बढ़ जाता है, और पत्तियां जल जाती है।