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🍅 टमाटर की खेती – संपूर्ण गाइड
बीज से लेकर बाजार तक – किसानों के लिए उन्नत खेती की पूरी जानकारी
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1. परिचय – टमाटर की खेती क्यों करें?
भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा टमाटर उत्पादक देश है। प्रति वर्ष लगभग 21 मिलियन टन टमाटर का उत्पादन होता है। टमाटर की खेती देश के लगभग सभी राज्यों में होती है और यह किसानों के लिए कम समय में (90-120 दिन) अधिक मुनाफा देने वाली फसल है।
टमाटर का उपयोग सलाद, सब्जी, सॉस, केचप, जूस और प्रोसेसिंग उद्योग में बड़े पैमाने पर होता है। बाजार में कीमत ₹10 से ₹50 प्रति किलो तक रहती है। सही प्रबंधन से एक किसान प्रति एकड़ ₹3 से 4 लाख का शुद्ध मुनाफा कमा सकता है।
इस गाइड में आप सीखेंगे: उन्नत किस्में, नर्सरी प्रबंधन, रोपाई, रोग-कीट नियंत्रण (10-10 दवाओं के साथ), खरपतवार, पीजीआर, पोस्ट हार्वेस्ट टेक्नोलॉजी और लागत-मुनाफा। सभी रासायनिक डोज़ ICAR/PPQS प्रमाणित हैं।
2. जलवायु और मौसम
टमाटर गर्म मौसम की फसल है। आदर्श तापमान 20-25°C (दिन) और 15-20°C (रात) रहना चाहिए। 35°C से अधिक तापमान पर फूल झड़ते हैं और 10°C से नीचे ठंड से नुकसान होता है।
मौसम अनुसार खेती का समय
| मौसम | रोपाई का समय | कटाई का समय | उपयुक्त राज्य |
| खरीफ | जुलाई – अगस्त | अक्टूबर – नवंबर | महाराष्ट्र, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश |
| रबी | अक्टूबर – नवंबर | जनवरी – मार्च | उत्तर प्रदेश, बिहार, पंजाब, हरियाणा |
| जायद/गर्मी | जनवरी – फरवरी | अप्रैल – मई | राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश |
| पहाड़ी क्षेत्र | अप्रैल – मई | जुलाई – सितंबर | हिमाचल, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर |
3. मिट्टी की तैयारी
टमाटर दोमट (सैंडी लोम) मिट्टी में सर्वोत्तम उगता है। pH 6.0-7.0 रखें। ज्यादा अम्लीय मिट्टी (pH 5 से कम) में 3-4 क्विंटल चूना प्रति एकड़ (3 साल में एक बार) मिलाएं।
- 4-5 गहरी जुताई करें
- 25 टन गोबर की खाद (FYM) प्रति हेक्टेयर मिलाएं
- 250 किलो नीम केक प्रति एकड़ – मिट्टीजनित रोग और निमेटोड कम होते हैं
- मिट्टी सोलराइजेशन: गर्मियों में 30 दिन पारदर्शी प्लास्टिक शीट बिछाएं
- खेत समतल करें – जल निकासी अच्छी होनी चाहिए
4. टमाटर की उन्नत किस्में – राज्यवार और मौसमवार
4.1 हाइब्रिड किस्में
| किस्म का नाम | विकसित/स्रोत | पैदावार (क्विंटल/हेक्टेयर) | विशेषता | उपयुक्त क्षेत्र |
| अर्का रक्षक | IIHR बेंगलुरु | 400-500 | फ्यूजेरियम, बैक्टीरियल विल्ट, LCV सहनशील | कर्नाटक, आंध्र, तमिलनाडु |
| अर्का विकास | IIHR बेंगलुरु | 300-350 | सभी मौसम, लंबे शेल्फ | दक्षिण और मध्य भारत |
| अर्का सम्राट | IIHR बेंगलुरु | 350-400 | बड़े फल, प्रोसेसिंग योग्य | महाराष्ट्र, गुजरात |
| पूसा रूबी | IARI नई दिल्ली | 200-250 | लाल-गोल फल, जल्दी पकना | उत्तर भारत |
| पूसा अर्ली ड्वार्फ | IARI नई दिल्ली | 200-220 | बौना पौधा, जल्दी | छोटे खेत, उत्तर भारत |
| अभिनव (NS-524) | Namdhari Seeds | 300-380 | LCV रेसिस्टेंट | उत्तर प्रदेश, हरियाणा |
| HS-101 | PAU लुधियाना | 250-300 | सर्दी की फसल | पंजाब, हरियाणा, UP |
| पंजाब छुहारा | PAU लुधियाना | 250-280 | प्रोसेसिंग/पेस्ट | पंजाब, उत्तर भारत |
| TNAU CO-3 | TNAU कोयंबटूर | 280-320 | गर्मी सहनशील, दक्षिण | तमिलनाडु, आंध्र |
| सिवान | बिहार कृषि विवि | 180-220 | स्थानीय ओपन पॉलिनेटेड | बिहार, झारखंड |
| पूसा वर्का बहार | IARI नई दिल्ली | 200-240 | गर्मी की फसल | मैदानी इलाके |
| रश्मि (Rashmi) | प्राइवेट हाइब्रिड | 350-420 | TYLCV सहनशील | गुजरात, राजस्थान |
4.2 राज्यवार अनुशंसित किस्में
| राज्य | खरीफ | रबी | जायद/गर्मी |
| उत्तर प्रदेश | अभिनव, अर्का रक्षक | HS-101, पूसा रूबी, अभिनव | पूसा वर्का बहार |
| पंजाब/हरियाणा | HS-101, अभिनव | पंजाब छुहारा, HS-101 | पूसा अर्ली ड्वार्फ |
| महाराष्ट्र | अर्का सम्राट, अर्का रक्षक | अर्का विकास | अर्का सम्राट |
| कर्नाटक/आंध्र | अर्का रक्षक, अर्का विकास | अर्का विकास | TNAU CO-3 |
| तमिलनाडु | TNAU CO-3 | अर्का विकास | TNAU CO-3 |
| गुजरात/राजस्थान | रश्मि, अर्का सम्राट | अर्का विकास | रश्मि |
| बिहार/झारखंड | अर्का रक्षक, सिवान | पूसा रूबी | पूसा वर्का बहार |
| हिमाचल/उत्तराखंड | पूसा रूबी, अभिनव | – | पूसा रूबी |
5. नर्सरी प्रबंधन
5.1 बीज उपचार
बीज दर: ओपी किस्में 400-500 ग्राम/हेक्टेयर | हाइब्रिड 125-175 ग्राम/हेक्टेयर | 1 एकड़ के लिए 100 ग्राम बीज पर्याप्त
- ट्राइकोडर्मा विरीडे 4 ग्राम/किलो बीज – फंगल रोग रोकता है
- कार्बेन्डाजिम 50% WP 2 ग्राम/किलो – दम्पिंग ऑफ से बचाव
- थिराम 75% WS 3 ग्राम/किलो – बीजजनित रोग नियंत्रण
- स्यूडोमोनास फ्लोरेसेंस 10 ग्राम/किलो – बैक्टीरियल रोग से सुरक्षा
- इमिडाक्लोप्रिड 17.8% SL: रोपाई से पहले जड़ें 15 मिनट डुबोएं (60-70 मिली/200 लीटर)
5.2 नर्सरी क्यारी तैयारी
- 80-90 सेमी चौड़ी, 15 सेमी ऊंची उठी हुई क्यारी
- FYM 10 किलो + नीम केक 1 किलो + VAM 50 ग्राम प्रति वर्गमीटर
- बीज 0.5 सेमी गहरे, 10 सेमी दूरी पर बोएं
- 50% शेडनेट और 40 मेश इन्सेक्ट प्रूफ नेट लगाएं
- 12 येलो स्टिकी ट्रैप/एकड़ – सफेद मक्खी, थ्रिप्स हेतु
- पौध 25-30 दिन में (3-4 पत्तियां) तैयार होती है
6. रोपाई और खेत प्रबंधन
- शाम के समय रोपाई करें
- दूरी: हाइब्रिड 60×45 सेमी या 75×60 सेमी
- प्रति एकड़ 12,000-15,000 पौधे
- रोपाई के तुरंत बाद हल्की सिंचाई
- 25 माइक्रोन ब्लैक LDPE मल्चिंग शीट बिछाएं – खरपतवार, नमी संरक्षण
7. खाद और उर्वरक प्रबंधन
NPK की अनुशंसित मात्रा (प्रति हेक्टेयर): सामान्य – 100:60:60 किलो | हाइब्रिड – 200:200:200 किलो
| समय | उर्वरक | मात्रा/हेक्टेयर | विधि |
| बेसल (रोपाई पर) | FYM + P + K + आधी N + बोरेक्स + जिंक सल्फेट | 25 टन + पूरी P+K + 50% N + 10 किलो + 50 किलो | मिट्टी में मिलाएं |
| 30 दिन बाद | बाकी N (50%) | 50-100 किलो यूरिया | साइड ड्रेसिंग |
| ड्रिप फर्टिगेशन | 19:19:19 | 2.5-3 ग्राम/लीटर पानी | ड्रिप के साथ |
| फोलियर स्प्रे | बोरॉन 0.3% + कैल्शियम 1% | फूल आने पर | पत्तों पर छिड़काव |
8. सिंचाई प्रबंधन
- रोपाई के 3 दिन बाद पहली सिंचाई
- सर्दी में हर 6-7 दिन, गर्मी में हर 3-4 दिन
- ड्रिप सिंचाई से 80% पानी की बचत और रोग कम
- फूलिंग अवस्था पर पानी की कमी न होने दें – फल सेट प्रभावित होता है
- अधिक पानी से जड़ सड़न और फूल झड़ते हैं
9. खरपतवार नियंत्रण
9.1 सांस्कृतिक विधि
- मल्चिंग (काली LDPE शीट) – 90% खरपतवार कंट्रोल
- हाथ से निराई-गुड़ाई: रोपाई के 15-20 दिन और 40-45 दिन बाद
9.2 रासायनिक खरपतवारनाशक
| दवा का नाम | मात्रा (a.i./हेक्टेयर) | समय | उद्देश्य |
| पेंडिमेथालिन 30% EC | 1.0 किलो | प्री-ट्रांसप्लांट | चौड़ी पत्ती + घास खरपतवार |
| फ्लूक्लोरालिन 45% EC | 1.0 किलो | प्री-ट्रांसप्लांट | घास खरपतवार |
| मेट्रिब्यूजिन 70% WP | 0.35 किलो | पोस्ट-ट्रांसप्लांट | जरूरत पर ही उपयोग करें |
10. सहारा (Staking) और कटाई-छंटाई (Pruning)
- 30 दिन बाद 1-1.5 मीटर लंबे बांस के खूंटे लगाएं
- साइड ब्रांच (Sucker) 20 सेमी तक हटाएं
- ऊपरी 2-3 शाखाएं रखें – फल बड़े और ज्यादा
- स्टेकिंग से उत्पादन 25-30% बढ़ता है, रोग कम होते हैं
11. टमाटर के प्रमुख रोग – लक्षण और नियंत्रण
नोट: सभी रासायनिक डोज़ 200 लीटर पानी प्रति एकड़ के लिए हैं। स्प्रे अंतराल 7-10 दिन। PPE (दस्ताने, मास्क, चश्मा) जरूर पहनें।
11.1 अर्ली ब्लाइट (Early Blight) – अगेती झुलसा
कारण: Alternaria solani (फफूंद)
लक्षण: पत्तों पर भूरे-काले धब्बे जिनके चारों ओर पीला घेरा (टार्गेट बोर्ड पैटर्न), पुराने पत्ते पहले प्रभावित, पौधा जल्दी पीला होकर गिरता है।
सांस्कृतिक नियंत्रण: फसल चक्र अपनाएं (3 साल में सोलेनेसी न लगाएं), रोगी पत्ते जलाएं, ड्रिप सिंचाई, मल्चिंग करें।
10 रासायनिक दवाएं – अर्ली ब्लाइट नियंत्रण
| क्र. | रासायनिक नाम | फॉर्मूलेशन | डोज़/200 लीटर | PHI (दिन) |
| 1 | मैनकोजेब | 75% WG / 80% WP | 400-600 ग्राम | 5 |
| 2 | क्लोरोथेलोनिल | 75% WP | 300-400 ग्राम | 7 |
| 3 | अजॉक्सीस्ट्रोबिन | 23% SC | 200 मिली | 3 |
| 4 | टेबूकोनाजोल | 25.9% EC | 200 मिली | 7 |
| 5 | प्रोपिकोनाजोल | 25% EC | 150-200 मिली | 7 |
| 6 | मेटिराम + पाइराक्लोस्ट्रोबिन | 55.5% WG | 600-700 ग्राम | 10 |
| 7 | कार्बेन्डाजिम | 50% WP | 200-300 ग्राम | 5 |
| 8 | कॉपर ऑक्सीक्लोराइड | 50% WP | 800-1000 ग्राम | 10 |
| 9 | डाइफेनोकोनाजोल | 25% EC | 200 मिली | 7 |
| 10 | फ्लूज़िलाजोल | 40% EC | 150-200 मिली | 7 |
11.2 लेट ब्लाइट (Late Blight) – पछेती झुलसा
कारण: Phytophthora infestans (ऊमाइसीट)
लक्षण: पत्तों पर पानीदार धब्बे, नीचे की तरफ सफेद फफूंद, फल भूरे होकर सड़ते हैं, बारिश/ठंड में तेज फैलाव।
सांस्कृतिक: बारिश से पहले स्प्रे, अच्छी निकासी, मल्चिंग।
10 रासायनिक दवाएं – लेट ब्लाइट नियंत्रण
| क्र. | रासायनिक नाम | फॉर्मूलेशन | डोज़/200 लीटर | PHI (दिन) |
| 1 | मैनकोजेब + साइमॉक्सानिल | 72% WP | 300-400 ग्राम | 7 |
| 2 | मेटालैक्सिल + मैनकोजेब | 72% WP | 250-300 ग्राम | 7 |
| 3 | फेनामिडोन + मैनकोजेब | 63.3% WG | 400-500 ग्राम | 7 |
| 4 | आइपीएम क्लोरो + मैनकोजेब | 63% WP | 400 ग्राम | 7 |
| 5 | कॉपर ऑक्सीक्लोराइड | 50% WP | 800-1000 ग्राम | 10 |
| 6 | फॉसेटिल-एल्युमिनियम | 80% WP | 800 ग्राम | 7 |
| 7 | डाइमेथोमॉर्फ + मैनकोजेब | 60% WP | 400-500 ग्राम | 7 |
| 8 | प्रोपामोकार्ब | 66.5% SL | 300-400 मिली | 7 |
| 9 | अजॉक्सीस्ट्रोबिन + डाइफेनो | 32.5% SC | 200 मिली | 7 |
| 10 | साइमॉक्सानिल | 8% WP (अकेला) | 300 मिली | 5 |
11.3 बैक्टीरियल विल्ट (Bacterial Wilt)
कारण: Ralstonia solanacearum
लक्षण: पौधा अचानक मुरझाता है (पत्तियां हरी रहती हैं), जड़ काटने पर दूधिया रस निकलता है। गर्मी-बारिश में तेजी से फैलाव।
सांस्कृतिक: फसल चक्र (3-4 साल), नीम केक 100 किलो/एकड़, प्रतिरोधी किस्में (अर्का रक्षक), रोगग्रस्त पौधे उखाड़ें।
| क्र. | रासायनिक नाम | डोज़ | प्रयोग विधि |
| 1 | स्ट्रेप्टोमाइसिन सल्फेट | 40-100 ppm | 2 स्प्रे – 10 दिन अंतर |
| 2 | कॉपर ऑक्सीक्लोराइड | 2.5 ग्राम/लीटर | ड्रेंचिंग |
| 3 | कासुगामाइसिन | 3% SL, 300 मिली/200 लीटर | स्प्रे |
| 4 | ट्राइकोडर्मा विरीडे | 4 ग्राम/किलो + ड्रेंच | मिट्टी उपचार |
| 5 | स्यूडोमोनास फ्लोरेसेंस | 10 ग्राम/किलो बीज | बीज उपचार |
11.4 टमाटर लीफ कर्ल वायरस (TLCV)
कारण: Tomato Yellow Leaf Curl Virus (TYLCV) – सफेद मक्खी द्वारा फैलता है
लक्षण: पत्तियां ऊपर की ओर मुड़ती हैं, पीली पड़ती हैं, पौधा छोटा रह जाता है, फल नहीं बनते।
कोई सीधा इलाज नहीं – वेक्टर (सफेद मक्खी) को रोकें।
- नर्सरी में 40 मेश इन्सेक्टप्रूफ नेट
- येलो स्टिकी ट्रैप 12/एकड़
- इमिडाक्लोप्रिड 17.8% SL 60-70 मिली/200 लीटर – जड़ डुबोकर रोपाई
- थायोमेथोक्साम 25% WG 200 ग्राम/200 लीटर (स्प्रे)
- बुप्रोफेजिन 25% SC 300 मिली/200 लीटर
11.5 फ्यूजेरियम विल्ट और फ्रूट रॉट
| रोग | कारण | लक्षण | नियंत्रण (डोज़/200 लीटर) |
| फ्यूजेरियम विल्ट | Fusarium oxysporum | एक तरफ से पत्तियां पीली होकर मुरझाना | कार्बेन्डाजिम 200 ग्राम ड्रेंच + ट्राइकोडर्मा |
| फ्रूट रॉट | Pythium/Phytophthora | फल नरम होकर सड़ना | मैनकोजेब 400 ग्राम + कार्बेन्डाजिम 200 ग्राम |
| पाउडरी मिल्ड्यू | Leveillula taurica | पत्तों पर सफेद पाउडर | ट्राइफ्लोक्सीस्ट्रोबिन 200 मिली या सल्फर 1000 ग्राम |
| डाउनी मिल्ड्यू | Pseudoperonospora | पत्तों पर पीले धब्बे, नीचे फफूंद | मेटिराम + पाइराक्लोस्ट्रोबिन 600 ग्राम |
| सेप्टोरिया लीफ स्पॉट | Septoria lycopersici | छोटे सफेद धब्बे, काली बिंदी केंद्र में | क्लोरोथेलोनिल 400 ग्राम या मैनकोजेब 400 ग्राम |
11.6 रोग नियंत्रण सारांश चार्ट
| रोग | पहचान | सांस्कृतिक नियंत्रण | रासायनिक (डोज़/200 लीटर/एकड़) | PHI दिन |
| अर्ली ब्लाइट | टार्गेट बोर्ड धब्बे | फसल चक्र, डेब्री जलाएं | मैनकोजेब 400 ग्राम या अजॉक्सी 200 मिली | 5-7 |
| लेट ब्लाइट | सफेद फफूंद, पानीदार धब्बे | अच्छी निकासी, ड्रिप | मेटालैक्सिल+मैनकोजेब 250 ग्राम | 7 |
| लीफ कर्ल वायरस | पत्ते मुड़े, पीले | नेट नर्सरी, ट्रैप | इमिडाक्लोप्रिड 60-70 मिली | 3 |
| बैक्टीरियल विल्ट | पौधा अचानक मुरझाए | फसल चक्र, नीम केक | स्ट्रेप्टोमाइसिन 40 ppm | 5 |
| फ्रूट रॉट | फल सड़ें | फसल चक्र, जल निकासी | कार्बेन्डाजिम 200 ग्राम+मैनकोजेब 400 ग्राम | 7 |
| पाउडरी मिल्ड्यू | सफेद पाउडर पत्तों पर | हवादार खेत | सल्फर 1000 ग्राम या ट्राइफ्लोक्सी 200 मिली | 3 |
| डाउनी मिल्ड्यू | नीचे फफूंद, ऊपर पीले धब्बे | ड्रिप, अच्छी निकासी | मेटिराम+पाइराक्लो 600 ग्राम | 10 |
12. टमाटर के प्रमुख कीट – पहचान और नियंत्रण
नोट: सभी डोज़ 200 लीटर पानी/एकड़ के लिए। रोपाई के 10-15 दिन बाद स्प्रे शुरू करें।
12.1 फल छेदक (Fruit Borer) – Helicoverpa armigera
पहचान: हरा या भूरा कैटरपिलर फल में छेद करके खाता है, फल सड़ जाते हैं।
सांस्कृतिक: मेरीगोल्ड बॉर्डर पौधे (15 टमाटर : 1 मेरीगोल्ड), फेरोमोन ट्रैप 12/एकड़, ट्राइकोग्रामा रिलीज, HaNPV 1.5×10¹² POBs/एकड़।
10 कीटनाशक – फल छेदक नियंत्रण
| क्र. | रासायनिक नाम | फॉर्मूलेशन | डोज़/200 लीटर | PHI (दिन) |
| 1 | साइट्रानिलिप्रोल | 10.26% OD | 360 मिली | 1 |
| 2 | क्लोरेंट्रानिलिप्रोल | 18.5% SC | 60 मिली | 1 |
| 3 | इमामेक्टिन बेंजोएट | 5% SG | 200 ग्राम | 5 |
| 4 | स्पिनोसेड | 45% SC | 75-100 मिली | 3 |
| 5 | फ्लुबेंडियामाइड | 39.35% SC | 100-150 मिली | 7 |
| 6 | थायोडिकार्ब | 75% WP | 400-600 ग्राम | 7 |
| 7 | क्विनालफोस | 25% EC | 400 मिली | 10 |
| 8 | प्रोफेनोफोस | 50% EC | 400-600 मिली | 7 |
| 9 | इंडोक्साकार्ब | 14.5% SC | 200-400 मिली | 3 |
| 10 | HaNPV (जैविक) | 1.5×10¹²POBs/एकड़ | पानी में मिलाकर | 0 |
12.2 सफेद मक्खी (Whitefly) – Bemisia tabaci
पहचान: पत्तों की नीचे सफेद छोटे कीड़े, पत्ते पीले-चिपचिपे, वायरस फैलाती है।
सांस्कृतिक: येलो स्टिकी ट्रैप 12/एकड़, नेट नर्सरी, नीम ऑयल 5 मिली/लीटर स्प्रे।
10 कीटनाशक – सफेद मक्खी नियंत्रण
| क्र. | रासायनिक नाम | फॉर्मूलेशन | डोज़/200 लीटर | PHI (दिन) |
| 1 | इमिडाक्लोप्रिड | 17.8% SL | 200 मिली | 3 |
| 2 | थायोमेथोक्साम | 25% WG | 200 ग्राम | 3 |
| 3 | बुप्रोफेजिन | 25% SC | 300 मिली | 7 |
| 4 | अफिडोपाइरोपेन | 50 SC | 60-80 मिली | 1 |
| 5 | फ्लोनिकामिड | 50% WG | 200 ग्राम | 3 |
| 6 | डाइनोटेफुरान | 20% SG | 200 ग्राम | 3 |
| 7 | स्पायरोमेसिफेन | 22.9% SC | 200-300 मिली | 7 |
| 8 | पाइरिप्रोक्सिफेन | 10% EC | 200 मिली | 7 |
| 9 | नीम सीड केर्नल एक्सट्रैक्ट | 5% NSKE | 50 ग्राम/लीटर | 0 |
| 10 | स्पाइरोटेट्रामेट | 150 OD | 200-300 मिली | 7 |
12.3 थ्रिप्स (Thrips) – Thrips tabaci
पहचान: बहुत छोटे पीले-भूरे कीड़े, पत्तियां चांदी जैसी चमकती हैं, नए पत्ते मुड़ते हैं।
10 कीटनाशक – थ्रिप्स नियंत्रण
| क्र. | रासायनिक नाम | फॉर्मूलेशन | डोज़/200 लीटर | PHI (दिन) |
| 1 | मिथाइल डेमेटॉन | 25% EC | 200 मिली | 7 |
| 2 | फिप्रोनिल | 5% SC | 400-600 मिली | 10 |
| 3 | स्पिनोसेड | 45% SC | 75 मिली | 3 |
| 4 | इमिडाक्लोप्रिड | 17.8% SL | 200 मिली | 3 |
| 5 | थायोमेथोक्साम | 25% WG | 200 ग्राम | 3 |
| 6 | एसेफेट | 75% SP | 400-600 ग्राम | 7 |
| 7 | क्लोरपाइरीफोस | 20% EC | 400-600 मिली | 7 |
| 8 | लैम्डा साइहेलोथ्रिन | 5% EC | 200-300 मिली | 7 |
| 9 | साइपरमेथ्रिन | 25% EC | 200-400 मिली | 7 |
| 10 | डेल्टामेथ्रिन | 2.8% EC | 300-400 मिली | 3 |
12.4 एफिड (Aphid) – Aphis gossypii
पहचान: पत्तों की नीचे हरे-काले झुंड, चिपचिपा पदार्थ (हनीड्यू), वायरस फैलाते हैं।
| क्र. | रासायनिक नाम | डोज़/200 लीटर | PHI |
| 1 | इमिडाक्लोप्रिड 17.8% SL | 200 मिली | 3 दिन |
| 2 | थायोमेथोक्साम 25% WG | 200 ग्राम | 3 दिन |
| 3 | फ्लोनिकामिड 50% WG | 200 ग्राम | 3 दिन |
| 4 | डाइमेथोएट 30% EC | 300-400 मिली | 7 दिन |
| 5 | पाइरिमिकार्ब 50% WG | 200-300 ग्राम | 3 दिन |
| 6 | मिथाइल डेमेटॉन 25% EC | 200 मिली | 7 दिन |
| 7 | एसेफेट 75% SP | 400-600 ग्राम | 7 दिन |
| 8 | क्लोरपाइरीफोस 20% EC | 400-600 मिली | 7 दिन |
| 9 | नीम ऑयल 1500 ppm EC | 5 मिली/लीटर पानी | 0 दिन |
| 10 | वर्टिसिलियम लेकानी (जैव) | 2×10⁸ CFU/मिली 1 लीटर | 0 दिन |
12.5 रेड स्पाइडर माइट (Red Spider Mite)
पहचान: पत्तों पर छोटे लाल-पीले धब्बे, मकड़ी के जाले, पत्तियां कांसे जैसी।
| क्र. | रासायनिक नाम | डोज़/200 लीटर |
| 1 | डाइकोफोल 18.5% EC | 400-600 मिली |
| 2 | स्पाइरोमेसिफेन 22.9% SC | 200-300 मिली |
| 3 | एबामेक्टिन 1.9% EC | 200-300 मिली |
| 4 | फेनपायरोक्सिमेट 5% EC | 200-300 मिली |
| 5 | प्रोपार्जाइट 57% EC | 400-600 मिली |
12.6 कीट नियंत्रण सारांश
| कीट | पहचान | IPM/जैविक | प्रमुख रसायन (डोज़/200 लीटर) |
| फल छेदक | फल में छेद | HaNPV + फेरोमोन ट्रैप | साइट्रानिलिप्रोल 360 मिली या क्लोरेंट्रा 60 मिली |
| सफेद मक्खी | सफेद कीड़े, वायरस | येलो ट्रैप + NSKE | इमिडाक्लोप्रिड 200 मिली या थायोमेथोक्साम 200 ग्राम |
| थ्रिप्स | चांदी जैसे पत्ते | नीले स्टिकी ट्रैप | स्पिनोसेड 75 मिली या फिप्रोनिल 400 मिली |
| एफिड | झुंड, चिपचिपे पत्ते | नीम ऑयल 5 मिली/लीटर | डाइमेथोएट 300 मिली या पाइरिमिकार्ब 200 ग्राम |
| माइट | लाल धब्बे, जाले | गंधक धूल छिड़काव | स्पाइरोमेसिफेन 200 मिली या एबामेक्टिन 200 मिली |
13. हाई फ्रूटिंग टेक्नोलॉजी – पीजीआर (PGR) उपयोग
पौध वृद्धि नियामक (Plant Growth Regulators) सही समय पर प्रयोग करने से फल सेटिंग 30-40% बढ़ती है।
| PGR नाम | सांद्रता | प्रयोग समय | फायदा | टैंक मिक्स | |
| NAA (नेफ्थेलिक एसिटिक एसिड) | 50 ppm | पहला फूल आने पर (30 दिन) | फूल झड़ना 30% कम | बोरॉन 0.3% के साथ | |
| GA3 (जिबरेलिक एसिड) | 20-30 ppm | 55 दिन (फलिंग) | फल बड़े, संख्या बढ़े | अकेला प्रयोग | |
| 4-CPA (क्लोरोफेनॉक्सी एसिड) | 40 ppm | गर्मी में (35°C+) | उच्च तापमान में फल सेट | बोरॉन के साथ | |
| बोरॉन 20% SG | 0.3% (1.5 ग्राम/लीटर) | फूलिंग और फलिंग | पराग जीवन बढ़ाए, फल सेट | NAA के साथ | |
| कैल्शियम नाइट्रेट | 1% | फल विकास (75 दिन) | ब्लॉसम एंड रॉट कम करे | अकेला | |
| 💡 टिप: स्टेकिंग + प्रूनिंग + पीजीआर = 40% ज्यादा फल स्प्रे सुबह या शाम को करें। तेज धूप में पीजीआर कम असरकारी। | |||||
14. तुड़ाई और पैदावार
- फल लाल-नारंगी रंग (70-80% पका) होने पर तोड़ें
- दूरी बाजार की हो तो हरा-पीला होने पर तोड़ें
- तुड़ाई हर 4-5 दिन पर करें
- औसत पैदावार: ओपी किस्में 150-200 क्विंटल/एकड़, हाइब्रिड 300-500 क्विंटल/एकड़
- अर्का रक्षक से 400-500 क्विंटल/हेक्टेयर संभव
15. पोस्ट हार्वेस्ट टेक्नोलॉजी
15.1 ग्रेडिंग और पैकिंग
- तोड़कर तुरंत छाया में रखें
- आकार और रंग के अनुसार ग्रेडिंग करें: A (बड़े), B (मध्यम), C (छोटे)
- 5-10 किलो प्लास्टिक क्रेट में पैक करें
- चोट लगे/सड़े फल अलग करें
15.2 भंडारण
- तापमान: 10-15°C, आर्द्रता: 85-90% RH
- कूल चैंबर में 15-20 दिन की शेल्फ लाइफ
- कमरे के तापमान पर 3-5 दिन
- 1-MCP (1-Methylcyclopropene) 1 ppm: पकना धीमा, 5 दिन ज्यादा शेल्फ
- कैल्शियम क्लोराइड 0.5% डिप (1-2 मिनट): फर्मनेस बढ़ती है
15.3 परिवहन
- रेफ्रिजरेटेड वैन में ट्रांसपोर्ट करें
- क्रेट में सही पैकिंग से 20% नुकसान कम
- मंडी/एफपीओ के जरिए बेचें – बेहतर दाम मिलते हैं
16. लागत और मुनाफा विश्लेषण (प्रति एकड़)
| मद | लागत (₹) |
| बीज (हाइब्रिड) | 3,000 – 5,000 |
| नर्सरी तैयारी | 2,000 – 3,000 |
| खेत तैयारी + रोपाई | 8,000 – 10,000 |
| खाद-उर्वरक (FYM + NPK) | 15,000 – 18,000 |
| सिंचाई (ड्रिप सहित) | 10,000 – 15,000 |
| कीटनाशक-फफूंदनाशक | 10,000 – 12,000 |
| मजदूरी (रोपाई, तुड़ाई) | 15,000 – 20,000 |
| मल्चिंग शीट | 5,000 – 6,000 |
| स्टेकिंग (बांस/तार) | 5,000 – 7,000 |
| परिवहन-विपणन | 5,000 – 8,000 |
| कुल लागत | 78,000 – 1,04,000 |
| पैदावार (300 क्विंटल @₹15/kg) | 4,50,000 |
| अनुमानित शुद्ध मुनाफा | ₹3.5 – 4 लाख |
17. किसानों की सामान्य गलतियां और सुधार
| गलती | नुकसान | सुधार |
| बिना बीज उपचार के बुवाई | दम्पिंग ऑफ, अंकुरण कम | ट्राइकोडर्मा + थिराम से उपचार करें |
| अधिक नाइट्रोजन | पत्ते ज्यादा, फल कम; रोग बढ़ते हैं | सिफारिश के अनुसार संतुलित उर्वरक |
| रोग/कीट में देरी से स्प्रे | 30-40% नुकसान | 15 दिन अंतर पर निवारक स्प्रे करें |
| ज्यादा या कम सिंचाई | जड़ सड़न या सूखा | ड्रिप लगाएं, मिट्टी देखकर पानी दें |
| स्टेकिंग न करना | फल जमीन पर, रोग बढ़े | 30 दिन बाद खूंटे लगाएं |
| एक ही रसायन बार-बार | रेसिस्टेंस विकसित होता है | रोटेशन – अलग-अलग दवाएं बदलकर उपयोग करें |
| गलत समय पर रोपाई | कम पैदावार | मौसम अनुसार तालिका देखें |
18. टमाटर की खेती अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
Q1. टमाटर की नर्सरी में दम्पिंग ऑफ कैसे रोके?
उत्तर: बीज उपचार – ट्राइकोडर्मा विरीडे 4 ग्राम/किलो या थिराम 3 ग्राम/किलो। रोपाई के बाद ड्रेंच – कॉपर ऑक्सीक्लोराइड 2.5 ग्राम/लीटर (4 लीटर/वर्गमीटर)। मिट्टी सोलराइजेशन 30 दिन पहले करें।
Q2. रोपाई के बाद लीफ कर्ल का नियंत्रण?
उत्तर: इमिडाक्लोप्रिड 60-70 मिली/200 लीटर में जड़ें 15 मिनट डुबोकर रोपाई करें। नेट नर्सरी + येलो ट्रैप। थायोमेथोक्साम 200 ग्राम/200 लीटर स्प्रे।
Q3. फल छेदक के लिए सबसे सस्ता और असरदार तरीका?
उत्तर: फेरोमोन ट्रैप 12/एकड़ + HaNPV स्प्रे (जैविक) + मेरीगोल्ड बॉर्डर। रसायन – साइट्रानिलिप्रोल 360 मिली या इमामेक्टिन बेंजोएट 200 ग्राम।
Q4. गर्मी में फूल झड़ने से कैसे बचाएं?
उत्तर: NAA 50 ppm + बोरॉन 0.3% स्प्रे सुबह करें। 4-CPA 40 ppm भी असरदार। ड्रिप से नमी बनाए रखें।
Q5. खरपतवार के लिए कौन सी दवा?
उत्तर: पेंडिमेथालिन 1 किलो a.i./हेक्टेयर प्री-ट्रांसप्लांट। मल्चिंग (काली LDPE शीट) सबसे कारगर उपाय।
Q6. टमाटर कितने दिन स्टोर होता है?
उत्तर: कमरे के तापमान पर 3-5 दिन। कूल चैंबर (10-15°C) में 15-20 दिन। कैल्शियम क्लोराइड 0.5% डिप से 5 दिन ज्यादा।
Q7. प्रति एकड़ कितना मुनाफा होता है?
उत्तर: हाइब्रिड किस्म, सही प्रबंधन, 300 क्विंटल पैदावार और ₹15/kg भाव पर ₹3-4 लाख शुद्ध मुनाफा।
Q8. कौन सी किस्म उत्तर प्रदेश के लिए सबसे अच्छी?
उत्तर: रबी में HS-101, अभिनव। खरीफ में अर्का रक्षक। प्रमाणित बीज स्थानीय KVK या सरकारी बीज केंद्र से लें।
19. निष्कर्ष
टमाटर की उन्नत खेती से प्रति एकड़ ₹3-4 लाख का मुनाफा संभव है। सफलता के लिए जरूरी है: सही किस्म, स्वस्थ नर्सरी, समय पर रोग-कीट नियंत्रण, पीजीआर का सही उपयोग और पोस्ट हार्वेस्ट प्रबंधन।
याद रखें: सांस्कृतिक विधि पहले, रसायन बाद में। रसायन लेबल पढ़ें, PPE पहनें, PHI का पालन करें।
| 📞 सलाह के लिए संपर्क करें: अपने जिले के कृषि विज्ञान केंद्र (KVK), कृषि विभाग या नजदीकी ICAR संस्थान से संपर्क करें। टमाटर की उन्नत खेती अपनाएं, समृद्ध बनें! 🍅 |
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सभी डोज़ ICAR/TNAU/PPQS प्रमाणित हैं। रसायन लेबल पढ़ें। PPE इस्तेमाल करें।
